बुधवार, 1 अप्रैल 2009

मूर्खों का जागरण - दिवस !

जैसा की आप सब सुधी जन जानते हैं की आज मूर्खों के जागने का दिन है ! सार भर तक सोये या सोये - सोये रहने वाले मूर्ख आज विशेष लहक में रहते हैं...और कुछ विशेष तरह से अपने आसपास के लोगों चौकाने का प्रयास करते हैं .__उनके बालसुलभ उपक्रम का शिकार अगर आप होते हैं तो ... आज उनके साथ प्रेमवत व्यवहार ही करें ...क्योंकि कल फ़िर आपको इन्हीं से मुखातिब होना है । __दरअसल ये हर दिन अपना जन्म - दिन मनाते हैं ...पर आज एक अप्ररिल को विशेष जोश में रहते हैं । ...ऐसे नित - नित जन्मा लोगों को प्रणाम कर किनारे हो लें । __अपना दिल और दिमाग क्रुध्द न करें __

संतों ने ऐसों के लिए ही तो कहा है __

इन्हें न व्यापे जगत गति

ये मूढन के मूढ़ !

कोई टिप्पणी नहीं: