मंगलवार, 3 फ़रवरी 2009

बसंत के रंग ...!


बसंत के रंग...!


बसंत के रंग ...!


बसंत के रंग ...!


हेलो बसंत ! क्या बात है ?

अखबार में ख़बर है की आप पधारे हैं ...पर न जानें क्यों अब आप के दर्शन दुर्लभ होते जा रहें हैं . वजह क्या हैं आप ही जानें ...पहले तो आप के आने के कई संकेत बड़े सुहाने थे __मोहल्ले - पडोस की किशोरियों के इठलाने , मौसम के महमहाने ,फूलों के रंग निखर जाने , जवानों के कसमसाने और बुढऊ मन के गाने से लगने लगता था कि लगता है बसंत आ गया ...और रही सही कसर भौजाइयों के टिहुनियाने और पिछवाडे अमराइयों से मादक गंद आने से पूरी हो जाती ....अंगडाइयां टूटती , हवाए मदमाती , पलास दहकते....चारो तरफ़ आप का जय...जयकार हो जाता __क्या बात है ठिठक आते हो और दुम दबा कर खिसक जाते हो ....क्या बात है ?

बुधवार, 21 जनवरी 2009

मंगलवार, 20 जनवरी 2009

अब क्या करेंगें जनाब !

ओबामा_२० जनवरी २००९ की तारीख आख़िर ओ-बा-मा को उस मुकाम तक ले आयी जिसका सपना कभी उनकी नस्ल के पूर्वजों ने देखा था _आज पूरी दुनिया ने देखा उस सपने को साकार होते हुए _अब यह सब किस्से-कहानियों में गुजर जायेगा ...एक ' ब्लैक ' का ' व्हाइट ' तक आ जाना ...देश - दुनिया के दिलो - दिमाग पर छा जाना ...रॉक धुनों पर पसर जाना ...चुटकुला बन मुस्कुराहटें उगा जाना ...नयी तस्वीर के लिए रंग - कैनवास जुटा लाना ......उमीदों का पुल जो बना है उसे अंजाम की हकीकत का बेसब्री से इन्जार है !

चुनौती !